A Roof Over Dreams: PM JANMAN’s Gift to Forgotten Tribes
Agriculture as Culture, Innovation as Catalyst
Naxal Regions Embrace Development’s Dawn
MP Cabinet Unlocks Rupees 16,720 Crore Development Surge
Agriculture: The Cultural and Economic Backbone of Madhya Pradesh
A Roof Over Dreams: PM JANMAN’s Gift to Forgotten Tribes
Agriculture as Culture, Innovation as Catalyst
Naxal Regions Embrace Development’s Dawn
MP Cabinet Unlocks Rupees 16,720 Crore Development Surge
“मोदी युग में आम भारतीय: विकास या विषमता?”
जब कोई नेता एक दशक से भी अधिक समय तक सत्ता में रहा हो, तो यह स्वाभाविक है कि लोग पूछें — “आख़िर इससे आम
“ड्रीमलाइनर का दुखद अंत: सपनों की उड़ान, धुएं में तब्दील”
जब एक विमान जिसका नाम ही “ड्रीमलाइनर” है — सपनों, उड़ानों और आधुनिकता का प्रतीक — आग की लपटों में गिरकर राख हो जाता है,
“तमिलनाडु में भाजपा की गठबंधन रणनीति: एक जोखिम भरा दांव”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब मदुरै में यह दावा किया कि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु में सत्ता में आएगी, तो
“उच्च शिक्षा में समावेश की चुनौती: आंकड़ों की रौशनी में सच्चाई”
देश में उच्च शिक्षा को लेकर गर्व के कई कारण बताए जाते हैं — बढ़ती संख्या में छात्र, महिला भागीदारी, विविध सामाजिक पृष्ठभूमियाँ और शिक्षकों
“GDP का माया-जाल: क्या वास्तव में हम समृद्ध हो रहे हैं?”
हाल के वर्षों में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को लेकर जिस प्रकार का उत्सव और गौरव का माहौल बनाया गया है, वह अभूतपूर्व
“जब प्रेम एक झूठ बन जाए: मेघालय हनीमून मर्डर केस की दहला देने वाली सच्चाई”
प्रेम, विश्वास और विवाह — ये वो स्तंभ हैं जिन पर इंसानी रिश्तों की सबसे सुंदर इमारतें खड़ी होती हैं। लेकिन जब इन्हीं स्तंभों को
“RBI की नीतिगत दरों में कटौती: क्या आम आदमी तक पहुंचेगी राहत?”
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में एक साहसिक और निर्णायक कदम उठाते हुए रेपो रेट में 50 आधार अंकों की कटौती की है,
“महाराष्ट्र की नैतिक विफलता: सत्ता का मौन, घोटालों की गूंज”
जिस महाराष्ट्र की पहचान कभी शिवाजी महाराज के साहस और सामाजिक चेतना से होती थी, आज वहीं राज्य राजनीतिक बेशर्मी और प्रशासनिक सुस्ती का शिकार
रेपो दर में कटौती सराहनीय, लेकिन चुनौतियां बरकरार
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में बड़ी कटौती की है, जिससे होम लोन धारकों से लेकर छोटे व्यापारियों तक सभी को राहत मिलेगी।
“मिथी: एक नदी नहीं, अब घोटालों की धारा बन गई है”
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली मिथी नदी, जो कभी शहर के जलनिकासी का भरोसेमंद माध्यम हुआ करती थी, आज भ्रष्टाचार का जीवित प्रतीक बन

