“महाराष्ट्र की नैतिक विफलता: सत्ता का मौन, घोटालों की गूंज”
जिस महाराष्ट्र की पहचान कभी शिवाजी महाराज के साहस और सामाजिक चेतना से होती थी, आज वहीं राज्य राजनीतिक बेशर्मी और प्रशासनिक सुस्ती का शिकार बन गया है। सरकार ने अपना 2024-25 का ‘प्रगति रिपोर्ट’ पेश किया — लेकिन पढ़ते समय ऐसा लगा मानो ये पश्चाताप का पत्र हो, मगर पछतावे के बिना। शब्द अब … Read more
