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Monday, September 21, 2026, 8:11 am

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जाति और धर्म की बेड़ियों से आज़ादी: एक नए भारत की पुकार

जाति और धर्म की बेड़ियों से आज़ादी: एक नए भारत की पुकार

क्या वाकई हम एक स्वतंत्र देश हैं, यदि हर नवजात शिशु को जन्म के साथ ही एक पहचान थमा दी जाती है—उसकी जाति, उसका धर्म—जिसे उसने चुना ही नहीं? भारत में जन्म लेना एक मानव के रूप में नहीं, बल्कि एक ‘समूह’ के सदस्य के रूप में होता है। यह पहचान जन्मसिद्ध नहीं, बल्कि सामाजिक … Read more