जब लौटी शिक्षा की रौशनी: शिवतरई से सीख
किसी भी गाँव के बच्चे के जीवन में एक शिक्षक की नियुक्ति किस कदर बदलाव ला सकती है, इसका ताज़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ के कोटा विकासखंड के छोटे से गाँव शिवतरई में दिखता है। वर्षों से यह प्राथमिक स्कूल केवल एक शिक्षक पर टिका हुआ था, जहाँ पाँच कक्षाओं का बोझ अकेले प्रधानपाठक होरिलाल गंधर्व उठाते … Read more