Explore

Search
Close this search box.

Search

Wednesday, July 24, 2024, 12:02 am

Wednesday, July 24, 2024, 12:02 am

Search
Close this search box.

उद्योग विभाग के महाप्रबंधक के खिलाफ लोगों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

महाप्रबंधक
Share This Post

औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा में जमीनों के आवंटन में महाप्रबंधक कर रहे फर्जीवाड़ा (महाप्रबंधक)

छतरपुर। उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक आशुतोष गुप्ता द्वारा औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा में की जा रही अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के संबंध में आज मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मप्र शासन ने औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा के लिए 50 हेक्टेयर जमीन नगर एवं ग्राम निवेश में शर्तों के साथ विभाग द्वारा नक्शा प्लान कर स्वीकृत कराई गई लेकिन महाप्रबंधक उद्योग विभाग द्वारा फीलगुड कर प्लाटों का आवंटन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। उद्योग विभाग संशोधित नक्शा प्लान बनाकर प्लाटों का आवंटन कर रहा है जबकि स्वीकृत नक्शा प्लान के अनुसार प्लाटों का आवंटन किया जाना चाहिए। पूर्व से ही कई प्लाटधारी हाईकोर्ट से स्थगन लिए हैं लेकिन विभाग द्वारा इन प्लाटों पर ऑफर प्रक्रिया 14 जून को निकाली गई। उद्योग महाप्रबंधक पहले प्लाटों को निरस्त कर लेनदेन कर दूसरे व्यक्ति को प्लाट आवंटित कर देते हैं। निरस्त किए गए प्लाटों के लिए ऑफर प्रक्रिया नहीं अपनायी जाती इसलिए श्री गुप्ता की कार्यशैली पर प्रश्र चिन्ह लग रहा है। उद्योग विभाग के अधिकारी, राजस्व विभाग एवं ग्राम एवं नगर निवेश के स्वीकृत नक्शे को न मानकर मनमाने ढंग से प्लाटों का आवंटन कर रहे हैं।

महाप्रबंधकमहाप्रबंधक की मनमानी के कारण औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा में एक दर्जन से अधिक इकाईयां ही अभी चालू हैं। विभाग की उदासीनता के कारण औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रपुरा में उद्योग लगाने के लिए समुचित सुविधाएं शासन से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। महाप्रबंधक श्री गुप्ता की मंशा औद्योगिक क्षेत्र मेंं इकाईयां लगाने में नहीं बल्कि प्लाटों के लेनदेन एवं आरक्षित भूमि को मनमाने ढंग से खुर्दबुर्द करने में रहता है जिससे विभाग की छवि बदनाम हो रही है जबकि जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा इस विभाग के मंत्री हैंं, इसके बाद भी इस विभाग में मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि उपरोक्त मामले की विधिवत कमेटी बनाकर जांच कर 14 जून के ऑफर प्रक्रिया को भी निरस्त किया जाए और यदि अधिकारी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। उद्योग विभाग के इन कार्यों से मप्र सरकार की छवि भी बदनाम हो रही है। ज्ञापन देने वालों में सुशील दुबे, राजेन्द्र तिवारी गुरू, पंकज मोदी, डॉ. दिनेश पाठक नाना, मथुरा प्रसाद, डॉ. मकबूल खान, पंकज पहारिया, हरिमोहन सोनी, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार गोस्वामी, राघवेन्द्र सिंह, एसके मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


Share This Post

Leave a Comment

advertisement
TECHNOLOGY
Voting Poll
[democracy id="1"]