भोपाल. निजाम बदलने के बाद प्रदेश की राजधानी भोपाल मैं इस बात की आशा की जा रही थी कि सुशासन स्थापना का सपना दिखाने वाली सरकार विदा होने के बाद शायद नई सरकार इस क्षेत्र में जोर-जोर से काम प्रारंभ करेगी लेकिन लगता है कि सुशासन स्थापना करवाने के लिए जिम्मेदार अफसर अभी मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे की राह देख रहे हैं और यदि ऐसा नहीं है तो राजधानी के बाग सेवनिया थाना क्षेत्र में हत्याओं का क्रम निरंतर क्यों जारी है. ज्ञातव हो कि कल कुल कुछ शातिर बदमाशों ने योजनाबद्ध रूप से भारत घटकने नामक युवक पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर उसकी हत्या कर दी. हालांकि मृतक भी हिस्ट्रीशीटर था लेकिन आए दिन क्षेत्र में इस प्रकार की वारदातों के कारण सामान्य जन जीवन में दहशत व्याप्त है यही नहीं स्थानीय
क्षेत्र वासियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में अवैध शराब एवं गांजे की बिक्री और अपराधियों द्वारा खुले आम इनका सेवन स्थानीय आंगनवाड़ी स्थानीय चिकित्सालय खेल के मैदानौ आदि में किया जाकर क्षेत्र के वातावरण को दूषित किया जा रहा है इस प्रकार की हत्या का यह पहला मामला नहीं है डेढ़ महीने पहले भी इस क्षेत्र में एक हत्या हुई थी इस इलाके में लड़ाई झगड़ा तलवार चाकू चलन आम बात हो चुकी है क्षेत्र के विधायक क्षेत्र के पार्षद और क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इन अपराधियों के खिलाफ संज्ञान ना लिया जाना क्षेत्र में बढ़ते हुए अपराधों का प्रमुख कारण है. क्षेत्र में रहने वाले शिक्षित युवा वर्ग के साथ ही महिलाओं मैं निरंतर घट रही इनघटनाओं के कारण भारी आक्रोश व्याप्त है उनका कहना है कि कानून व्यवस्था की स्थिति को यदि जल्द नहीं सुधारा गया तो भविष्य में क्षेत्र के शांतिप्रिय नागरिकों का यहां पर रहना दुश्वार हो जाएगा. वही शासकीय डिस्पेंसरी की डॉक्टर जिनका कहना है कि वास्तव
में यहां की कानून व्यवस्था ध्वस्त है और शासन को यहां पर पुलिस चौकी की स्थापना करना चाहिए वही आंगनबाड़ी की सहायिका का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र में बैठकर दारु पीने वालों पर कब अंकुश लगेगा समझ से परे है. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मांग पर शराब के आहतें तो बंद कर दिए गए लेकिन गली-गली में छोटी-छोटी दुकान खोलकर अब उनको आहाथों का स्वरूप दे दिया गया है जो निरंकुश्ता के साथ अपने काम को अंजाम दे रहे हैं और यही स्थान अपराधियों के बहुत बड़े शरण स्थल बने हुए हैं महिलाओं की अ समत के साथ ही शांतिप्रिय नागरिकों की इज्जत आए दिन तार तार हो रही है लगता है प्रशासन किसी अनजाने भय के कारण अपराधियों की गिरेवा में हाथ डालने से झिझक रहा है. वहीं क्षेत्र के असिस्टेंट कमिश्नर आफ पुलिस रजनीश कश्यप द्वारा राजधानी के खोजी पत्रकार सरदार आर एस सिंह खालसा को कानून और व्यवस्था के बारे में अपना
स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ वह सख्त कदम उठाएंगे यही नहीं उन्होंने आश्वस्त किया कि मीडिया द्वारा अपराधियों के खिलाफ उपलब्ध करवाई गई जानकारी पर भी विशेष संज्ञान पुलिस विभाग द्वारा लिया जाएगा.
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