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Friday, August 21, 2026, 3:44 pm

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जन आक्रोश रैली में किसानों ने जताया आक्रोश

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केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित गांव के हैं लोग

 

छतरपुर। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस योजना के कारण डूब क्षेत्र में आने वाले छतरपुर एवं पन्ना जिले ेके 21 गांव के लोग शासन-प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए आक्रोश जताया गया।

अमित भटनागर का आरोप है कि पूर्व में अनशन करने के दौरान प्रशासन ने वादा किया था कि गांव-गांव जाकर शिविर लगाए जाएंगे लेकिन प्रशासन ने वादा खिलाफी की है।अमित का दावा है कि इस आक्रोश रैली में छतरपुर एवं पन्ना जिले के प्रभावित गांव के लोग शामिल रहे हैं। उधर तहसीलदार छतरपुर रंजना यादव का कहना है कि प्रोजेक्ट का पूरा कार्य विधि सम्वत् किया जा रहा है। यह कहना गलत है कि लोगों की सुनवाई नहीं होती। केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के तहत पूरी प्रक्रिया होगी।

CG

 

*धारा 11, 19 की हो चुकी कार्यवाही, निर्धारित राशि से कहीं अधिक मिलेगा मुआवजा*

भोपाल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित होने वाले गांव के लोगों को विधिवत बसाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत आने वाली करीब 6 हजार हेक्टेयर जमीन के बदले अन्य क्षेत्र में जमीन दी गई है। सूत्र बताते हैं कि पन्ना के सात गांव के लोगों को बसाने हेतु 50 हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है। छतरपुर जिले के 14 गांव के लोगों को भी नए स्थान पर बसाए जाने हेतु प्रक्रिया चली रही है। धारा 11 वं 19 के तहत नोटिस की कार्यवाही हुई है। शासन प्रशासन का प्रयास है कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जमीन की वर्तमान में जो कीमत है उससे कहीं अधिक राशि दी जाएगी। जल्द ही भूअर्जन का कार्य किया जाएगा। भोपाल में इसका विधिवत कार्यालय खोला जा चुका है और प्राधिकरण के तहत कार्य चल रहा है।

*प्रशासन ने डूबे क्षेत्र के गांवों में लगाया शिविर*

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्राम पलकौहां, ढोडऩ, खरियानी पहुंचकर प्रशासन ने शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और परियोजना से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होगा। क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला बबलू ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिनके नाम सूची में नहीं जुड़े हैं उनके नाम 15 दिवस में जोड़े जाएंगे। मकान, दुकान, जानवरों के रहने के स्थान, बगीचे आदि के बदले सरकार पैसे देगी। शिविर के दौरान सेवानिवृत्त संयुक्त कलेक्टर डीपी द्विवेदी, बिजावर एसडीएम राकेश शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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