Explore

Search

Monday, May 25, 2026, 5:54 am

Monday, May 25, 2026, 5:54 am

उत्तराखंड में विकास और राहत कार्यों को मिली नई गति

उत्तराखंड में विकास और राहत कार्यों को मिली नई गति,
Share This Post

मुख्यमंत्री धामी ने दी 16 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में विकास योजनाओं और राहत कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

यमुना नदी हादसे से प्रभावित परिवारों को राहत

सरकार ने यमुना नदी के जलस्तर में बदलाव के कारण स्यानाचट्टी क्षेत्र में प्रभावित हुए होटल और भवन मालिकों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इस घटना में प्रभावित 19 लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 61 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

CG

इसके अलावा टिहरी गढ़वाल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन से प्रभावित उन परिवारों को भी राहत दी जाएगी, जो फिलहाल किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे परिवारों के लिए छह महीने तक किराया सहायता देने हेतु करीब 19 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

सभी जिलों को मिलेगा अनटाइड फंड

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के सभी जिलों को अनटाइड फंड के तहत कुल 13 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इससे जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।

देहरादून में सीवर और जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी

देहरादून के पित्थूवाला क्षेत्र स्थित श्रद्धा एन्कलेव में पुरानी सीवर लाइन बदलने और संधू एन्कलेव व प्रियदर्शिनी एन्कलेव में एसपीएस निर्माण के लिए 2.43 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

शहीद रेवाधर के नाम पर होगा आईटीआई संस्थान

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चंपावत जिले के खेतीखान स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का नाम शहीद लांस नायक रेवाधर के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

अब यह संस्थान “शहीद रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खेतीखान” के नाम से जाना जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को देशसेवा और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी।


Share This Post

Leave a Comment