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Wednesday, July 29, 2026, 6:46 am

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अपना ही गोल मारकर आउट हुई कांग्रेस, चुनाव में दो अंकों तक भी पहुंचेगीl

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*दूसरी सूची के साथ ही बंद कमरों से बाहर आई कांग्रेस की कपड़ा फाड़ राजनीति*


*टिकटों की बोली आम बात, इस बार बोली कौन लगाएगा इसके लिए भी लगी बोलियां*


*दिग्विजय और कमलनाथ में से किस का बेटा चलाएगा कांग्रेस, उजागर हुई रस्साकशी*


*अंदरूनी कलह से तार-तार हुई गुटों और गिरोहों में बंटी कांग्रेस*


*अपना ही गोल मारकर आउट हुई कांग्रेस, चुनाव में दो अंकों तक भी नहीं पहुंचेगी*


*- विश्वास सारंग*

भोपाल। कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद पार्टी की अंदरूनी खींचतान सड़क पर आ गई है। पार्टी की जो कपड़ा फाड़ राजनीति बंद कमरों के अंदर चल रही थी, वो अब सार्वजनिक हो गई है। वहीं, गुटों और गिरोहों में बंटी कांग्रेस में अपने-अपने साम्राज्य, अपने छत्रपों और अपने-अपने गुर्गों को स्थापित करने की रस्साकशी उजागर हो गई है। दोनों सूचियों से उपजे असंतोष से कांग्रेस पार्टी तार-तार हो गई है और चुनाव में वह दो अंकों तक भी नहीं पहुंच सकेगी। यह बात प्रदेश सरकार के मंत्री श्री विश्वास सारंग ने शुक्रवार को प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कही।


*बोली लगाने के लिए भी लगने लगी बोलियां*
प्रदेश सरकार के मंत्री श्री सारंग ने कहा कि अभी कुछ समय तक प्रदेश कांग्रेस के जो दो नेता गलबहियां डाले घूम रहे थे और प्रदेश में सरकार बनाने की डींगें हांक रहे थे, उनका असली मंतव्य कांग्रेस की दोनों सूचियों से सामने आ गया है। श्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस की पहली सूची आने के बाद कमलनाथ ने कपड़े फाड़ने की बात की, तो दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सामने उनकी गलतियों को उजागर किया। लेकिन दूसरी सूची आने के बाद तो पार्टी में विरोध और असंतोष इतना तीव्र हो गया है कि उम्मीदवारों की सूची से ज्यादा लंबी इस सूची के विरोध में इस्तीफा देने वालों की सूची हो गई है। श्री सारंग ने कहा कि गुटों और गिरोहों में बंटी कांग्रेस में टिकटों के लिए बोलियां पहले भी लगती रही हैं। लेकिन इस बार तो सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए। इस बार यह तय करने के लिए भी बोलियां लगी कि बोली कौन लगाएगा। दिग्विजय सिंह लगाएंगे, कमलनाथ लगाएंगे, नकुलनाथ लगाएंगे या जयवर्धन लगाएंगे।

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*परिवारवाद की पद्धति प्रदेश संगठन में आई*
श्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस में शुरू से परिवारवाद की संस्कृति और पद्धति रही है और शीर्ष नेतृत्व की इस पद्धति को अब प्रदेश संगठन ने भी अपना लिया है। कांग्रेस में परिवारवाद को पं. नेहरू ने स्थापित किया था और आज नेहरू-गांधी परिवार अपने बेटे और बेटी को स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह तथा कमलनाथ भी अपने बेटों को सेट करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जो दो सूचियां जारी हुई हैं, उनमें परिवारवाद को राजनीति में स्थापित करने की लालसा ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में परिवारवाद को स्थापित करने के लिए दिग्विजय सिंह और कमनलाथ के बीच अंदर ही अंदर खींचतान चल रही है। दोनों सूचियों से यह स्पष्ट हो चुका है कि इन दोनों नेताओं के बीच इस बात को लेकर रस्साकशी जारी है कि प्रदेश कांग्रेस को कौन चलाएगा? नकुलनाथ या जयवर्धन सिंह?


*अपना ही गोल मारकर आउट हुई कांग्रेस*
कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि सूची जारी होने से पहले तक कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं से वादे करती रही। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह यह दावे करते रहे कि टिकट उसी को मिलेगी, जिसके बारे में सर्वे रिपोर्ट पॉजीटिव होगी। लेकिन जब सूचियां जारी हुईं तो सर्वे पीछे छूट गया और इन सूचियों ने बता दिया कि कांग्रेस में सर्वे सर्वा कौन है। श्री सारंग ने कहा कि इन सूचियों के जारी होने के बाद कांग्रेसियों के जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उनसे कांग्रेस की गुटबाजी ही प्रकट होती है। लेकिन इन सूचियों के जारी होने के बाद मची खींचतान ने कांग्रेस पार्टी को तार-तार कर दिया है और अब चुनाव में कांग्रेस दो अंकों तक सिमट कर रह जाएगl


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