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Tuesday, March 24, 2026, 8:03 am

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नर्मदापुरम में अत्यावश्यक सेवाओं की यह दुर्दशा

नर्मदापुरम
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नर्मदापुरम. क्या नाम बदलने से ही कायाकल्प होने की गारंटी हो जाती है I यदि यह सत्य है तो नर्मदा पुरम में ऐसा नहीं है कहने को यह संभागीय मुख्यालय अवश्य है लेकिन शासन प्रशासन ने पूरा दारोमदार पूरा भार जिलाधीश नर्मदा पुरम के ऊपर छोड़ दिया है जो अपनी क्षमता से अधिक काम करने के बाद भी कहीं ना कहीं आशा और निराशा के भंवर जाल में फंसे हुए हैंI

होना तो यह चाहिए संभागीय मुख्यालय होने के कारण संभाग स्तरीय प्रत्येक अधिकारी को कंधे से कंधा मिलाते हुए इस संभाग मुख्यालय का कायाकल्प करने में रूचि दिखलाना चाहिए I नर्मदापुरमलेकिन ऐसा हो नहीं रहा है हां पिछले दिनों अवश्य संभागायुक्त फील्ड पर निकले और उन्होंने ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया जिसके सु परिणाम भी आए और किसानों ने राहत की सांस लीI यदि यह सिलसिला बरकरार रहता है और सभी संभागीय अधिकारी भी अपने कर्तव्य का निर्वहन इसी प्रकार से करने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब नाम बदलने के अनुरूप संभाग मुख्यालय का भी कायाकल्प होने में देर नहीं लगेगीI

CG

स्थानीय आईटीआई के सामने आयुर्वेदिक चिकित्सालय है इसके साथ ही पशु चिकित्सा विभाग का संभागीय कार्यालय और शासन का बहुउद्देशीय मृगनयनी एंपोरियम यहां स्थित हैI लेकिन संबंधित विभाग पीआईयू द्वारा इतने महत्वपूर्ण विभागों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है यह स्पष्ट दृष्टिगोचर होता हैI इस विभाग ने आईजी ऑफिस के सामने डामरी कृत रोड का निर्माण कर अपने नर्मदापुरमकर्तव्य की इतिश्री कर ली जबकि इन महत्वपूर्ण विभागों के सामने डामरी कृत रोड का निर्माण नहीं किया जबकि स्थानीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में विभिन्न प्रकार की थेरेपी की जाती हैं और अनेक शारीरिक रूप से अक्षम मरीज प्रतिदिन स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए इस चिकित्सालय में आते हैं जिन्हें भारी परेशानियों के बीच चिकित्सालय तक पहुंचना पड़ता हैI लेकिन इन कठिनाइयों की ओर किसी का ध्यान नहीं हैI जबकि यहां पर भी संभागीय स्तर के दो अधिकारी संभागीय पशुपालन अधिकारी एवं संभागीय आयुर्वेदिक अधिकारी बैठते हैंI मगर शायद ही उन्होंने कभी आमजन की इस समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया होI

नर्मदापुरमचिकित्सालय प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि अनेक प्रभावशाली व्यक्तित्व भी इस चिकित्सालय से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करके गए हैं लेकिन उन्होंने भी इस मार्ग के निर्माण हेतु आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दियाI

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का इजाफा करने वाले मध्यप्रदेश शासन को इस ओर भी गंभीरतापूर्वक ध्यान देकर मरीजों के हित में तत्काल आयुर्वेदिक चिकित्सालय मार्ग को डामरी कृत करने हेतु आदेशित करना चाहिएI

“शिव मोहन सिंह”


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