सरकारी सेवाओं में सुधार – जनता का हक़ या शासन की कृपा?
“जहाँ जनता को सेवा मांगनी न पड़े, वहीं से सुशासन की असली शुरुआत होती है।” भारत की अधिकांश जनता आज अपने मोबाइल पर बिजली का बिल तो भर सकती है, लेकिन पुलिस से न्याय, राजस्व विभाग से प्रमाण पत्र, या सरकारी अस्पताल में सम्मानजनक इलाज प्राप्त करना अब भी भाग्य या सिफारिश पर निर्भर करता … Read more