Explore

Search

Saturday, May 9, 2026, 1:11 pm

Saturday, May 9, 2026, 1:11 pm

आयुष्मान भारत: उम्मीद की डोर या अधूरी प्रतिज्ञा?

आयुष्मान भारत: उम्मीद की डोर या अधूरी प्रतिज्ञा?

जब बीमारी और गरीबी साथ-साथ आती हैं, तो आम आदमी के सामने ज़िंदगी और मौत के बीच की खाई और गहरी हो जाती है। झारखंड सीमा से लगे जशपुर के मज़दूर वीरेंद्र खाखा की कहानी इसी सच्चाई का आईना है। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी, महँगे इलाज का असंभव बोझ और एक मज़दूर की सीमित आय—यह … Read more