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Wednesday, October 7, 2026, 12:43 am

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चेरकिन बाई की मुस्कान: मिट्टी से ईंट तक का सफ़र

एक छत की जीत: चेरकिन बाई का नया सवेरा

कोरबा की गहराई में बसा एक छोटा सा गाँव, जहाँ पेड़ों की छाँव तो बहुत है लेकिन पक्की छत किसी सपने से कम नहीं। इसी गाँव में चेरकिन बाई रहती थीं। उम्र ढल चुकी थी, बच्चे नहीं थे, और ज़िंदगी की साथी बस एक जर्जर झोपड़ी थी, जिसकी छत हर बारिश में आसमान को भीतर … Read more