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पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले पायलटों पर कार्यवाही करने के स्थान पर मामले में की जा रही है लीपा-पोती: अवनीश बुंदेला

CANON TIMES
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दिनांक 9 फरवरी 2024: पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले पायलटों पर कार्यवाही करने के स्थान पर मामले में की जा रही है लीपा-पोती: अवनीश बुंदेला

विमानन विभाग में हुये भ्रष्टचार एवं अनियमितताओं पर कार्यवाही करने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन: राहुल सिंह राठौड़

सुत्रों से ज्ञान जानकारी अनुसार घटना दिनांक 09 जून, 2023 की है, जब पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान शासकीय हैलीकॉप्टर वीटी-एमपीआर द्वारा भोपाल से राघोगढ़ जा रहे थे, केप्टन आर्दश राय एवं केप्टन संजय श्रीवास्तव ने शासकीय हैलीकॉप्टर के कम्प्यूटर एफएमएस में गलत कोर्डिनेटस (अक्षांश एवं देशांतर) डाल दिये जिससे शासकीय हैलीकॉप्टर अपने गंन्तव्य स्थान राघोगढ़ न पहुंच कर विपरीत दिशा में चला गया जिससे हेलीकाॅटर पहाडी से टकराने से बच गया, उसमें सवार मुख्यमंत्री भी बाल-बाल बच गये। पायलेटों की लापरवाही द्वारा हुई यह घटना माननीय मुख्यमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इतनी बड़ी घटना को आयुक्त विमानन संचालनालय ने बिना जांच कराये मामले को दबा दिया। प्रदेश कांगे्स मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अवनीश बुंदेला और जिला कांगे्स कमेटी भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने आज इस मामले का लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके सचिव श्री एस.के. तिवारी को सौंपा और कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव,मुख्यमंत्री,मध्यप्रदेश शासन,भोपाल, सचिव, विमानन विभाग,मध्यप्रदेश शासन,भोपाल, आयुक्त, विमानन विभाग,मध्यप्रदेश शासन,भोपाल और लोकायुक्त,भोपाल को भी प्रेषित की गई हैं।शिवराज सिंह चौहान

मीडिया विभाग कांग्रेस मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष अवनीश बुंदेला एवं जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत सरकार डीजीसीए द्वारा यह मामला संज्ञान में आने के बाद दोनों पायलटों को केप्टन आर्दश राय एवं केप्टन संजय श्रीवास्तव को दिनांक 12.01.2024 को दिल्ली डीजीसीए में तलब किया गया एवं तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। ज्ञात हो कि उड़ान के दौरान पीआईसी के रूप में मुख्यतः केप्टन आर्दश राय की जिम्मेदारी एवं केप्टन संजय श्रीवास्तव को शासन द्वारा फ्लाईट सेफ्टी ऑफिसर के पद का कार्यभार भी दिया गया है। दोनों पायलटों ने गंभीर लापरवाही का परिचय देते हुये अपने-अपने मूल कत्च्यों का पालन नहीं किया तथा जांच एजेंसी इटेलीजेंस एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को भ्रमित कर मामला दबा दिया गया, भोपाल स्थिति डीजीसीए कार्यालय में कार्यरत् एयरसेफटी अधिकारी एम दिनेश द्वारा भी मामले में लीपा-पोती कर दोनों पायलटो को बचा लिया गया है।

नेताद्वय ने कहा कि जानकारी अनुसार इन दोनों पायलेटों द्वारा कई बार उड़ान के दौरान डीजीसीए के नियमों का उल्लंघन किया गया है जबकि दोनों पायलट डीजीसीए द्वारा अनुमोदित पोस्ट होल्डर है जिसमें से केप्टन संजय श्रीवास्तव फ्लाईट सेफटी ऑफिसर एवं केप्टन आर्दश राय फ्लाईट ऑपरेशन ऑफिसर है अधिकांशतः रिकॉर्ड अनुसार इन दोनों पायलटों के द्वारा ही व्ही.आई. पी. अधिकतम उड़ानें संमादित की जाती है। इस बजह से यदि कोई भी नियमों का उल्लंघन होता है तो ये स्वयं को बचाने हेतु डीजीसीए के प्रति जिम्मेदारी के पद पर होते हुऐ भी किसी भी प्रकार का उल्लंघन एवं सुरक्षा की लापरवाही होने पर डीजीसीए को सूचित न कर स्वयं को बचा लेते हैं।

दिनांक मई 2021 ग्वालियर में विमान वीटी-एमपीक्यू दुर्घटना के बाद से आज दिनांक तक दोनों पायलेटों विश्वास राय एवं आदर्श राय) द्वारा चार्टर विमान केवल एक संस्था में आई हुई अन्य कंपनियों की तुलना में अधिकतम मूल्य पर लिया जा रहा है।चार्टर विमान कपनी के पास स्वयं का कोई चार्टर विमान नही है। यह कंपनी भी दूसरी चार्टर विमान कंपनियों से विमान लेकर मध्यप्रदेश शासन के विमानन विभाग को उपलब्ध कराती है। इसमें आज दिनांक तक लगभग 200-250 करोड़ रूपये का शासन का व्यय हुआ है। इन दोनों पायलेटों द्वारा चार्टर विमान कंपनियों से कमीशन के तौर पर ली गई धनराशि लगभग 20-30 प्रतिशत है जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है तथा दोंनो पायलेटों केशिवराज सिंह चौहान परिवार एवं रिश्तेदारों के खातों की जांच कराना उचित होगा तथा इनके द्वारा अर्जित संम्पत्ति की भी जांच कराई जाना चाहिऐ। आर्दश राय जूनियर पायलट हैलीकॉप्टर की पदोन्नति दिनांक 09.10.2023 को आर्दश आचार संहिता लागू होने वाले दिन हुआ है तथा पदोन्नति की सम्पूर्ण कार्यवाही भी उसी दिन हुई है जबकि विमानन विभाग के पदोन्नति नियम अनुसार स्थाई नियुक्ति के प्रथम छःवर्ष उपरांत ही प्रथम पदोन्नति लगने का प्रावधान है परंतु इसका नियमितीकरण के 03 वर्ष उपरांत ही आनन-फानन में इनके रसूख के कारण आर्दश आचार संहिता वाले दिन पदोन्नति कर दी गई। अतः इस मामले की जांच कर पदोन्नति रदद् की जानी चाहिए।

अतः व्ही.आई.पी सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुऐ फ्लाईट ऑपरेशन ऑफिसर एवं फ्लाईट सेफटी ऑफिसर के कार्यों का डीजीसीए के नियमों का सुचारू रूप से संचालन एवं एफडीटीएल नियम के उल्लंघन को रोकने हेतु तत्काल इन दोनों पायलेटों को पद से हटाना अत्यंत आवश्यक है।

अवनीश बुंदेला //राहुल सिंह राठौड़


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