Naxal Regions Embrace Development’s Dawn
MP Cabinet Unlocks Rupees 16,720 Crore Development Surge
Government Schemes: Crafting Dignified Lives
CANON TIMES E-paper 7th April 2026
Agriculture as Culture, Innovation as Catalyst
Naxal Regions Embrace Development’s Dawn
MP Cabinet Unlocks Rupees 16,720 Crore Development Surge
Government Schemes: Crafting Dignified Lives
CANON TIMES E-paper 7th April 2026
🌍 वैश्विक व्यवस्था और दुनिया के सामने उभरती नई चुनौतियाँ
क्या पुरानी कूटनीतिक परिभाषाएं और सिद्धांत आज की जटिल वास्तविकताओं से निपटने के लिए पर्याप्त हैं? अगर हम 24×7 चलने वाले समाचार चैनलों और सोशल
क्या भारत की विदेश नीति अब व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का औजार बन गई है?
“कूटनीति, विज्ञापन नहीं होती; यह राष्ट्रहित की ठोस रणनीति होती है।” हेनरी किसिंजर की यह सोच आज के भारत पर पूरी तरह लागू होती दिख
फटी हुई खिड़कियाँ और ऑपरेशन सिंदूर का तत्वमीमांसा
“फटी खिड़कियाँ”—यह कोई वास्तुकला की खराबी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की वह दार्शनिक भाषा है, जिसे हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने हाल
गौरव से गिरावट तक: क्या बंगाल महिलाओं के लिए असुरक्षित बन गया है?
पश्चिम बंगाल, जो कभी बौद्धिकता, साहित्य और सामाजिक सुधारों की भूमि के रूप में जाना जाता था, आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां
75 की उम्र और सत्ता का संतुलन: संघ के संकेत, मोदी के लिए संदेश?
मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2014 में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं — एल.के. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, और जसवंत सिंह — को “75 वर्ष की आयु
सूचना का युद्ध: जीत या आत्मविनाश?
21वीं सदी का युद्ध बंदूक़ों और बमों से नहीं, सूचना के हथियारों से लड़ा जाता है। यह एक ऐसा युद्ध है जहाँ सच्चाई, झूठ, और
एक ‘व’ जो विवेक बन गया
नाम में क्या रखा है? शायद सब कुछ — अगर आप आज के भारत में फिल्म बना रहे हैं। मलयालम फिल्म “J.S.K: Janaki vs State
एक पुल, जो भरोसे से पहले ढह गया
गुजरात के वडोदरा के पास, महिसागर नदी पर बना गंभीर पुल अब बीते कल की बात है। वो पुल जो लोगों को जोड़ने के लिए
🌟 एक सितारा जो अपनी ही चमक में खो गया
यह शायद हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी — एक कलाकार की सच्ची कहानी, जिसने अपनी ज़िंदगी की तकलीफों को पर्दे
🕊️ बीमारी को आँसुओं और उदासी से जोड़ना अब छोड़ने का समय है
बीमारी की कोई तय शक्ल नहीं होती। वो कभी सबसे चमकीली आंखों के पीछे छुपी होती है, तो कभी सबसे मजबूत दिखते इंसान के भीतर।

