Explore

Search

Tuesday, May 26, 2026, 8:23 am

Tuesday, May 26, 2026, 8:23 am

Category: Chhattisgarh
तेल पाम की खेती

तेल पाम की खेती: गाँवों के लिए हरियाली से भरी स्थायी आमदनी का रास्ता

देश की खेती आज एक ऐसे मोड़ पर है, जहाँ पुरानी पद्धतियों के साथ–साथ नई सोच भी जड़ें जमा रही है। इन्हीं नई संभावनाओं में

खेती में नवाचार: धान से सब्ज़ियों तक—सुरेश सिन्हा की कृषि पुनर्जागरण गाथा

खेती में नवाचार: धान से सब्ज़ियों तक—सुरेश सिन्हा की कृषि पुनर्जागरण गाथा

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के गटापार खुर्द गांव में, चुपचाप एक हरित क्रांति अंकुरित हो रही है। इस बदलाव के केंद्र में हैं प्रगतिशील किसान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: छोटे किसानों के आत्मबल की नई नींव

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: छोटे किसानों के आत्मबल की नई नींव

भारत के ग्रामीण परिदृश्य में आज भी लाखों किसान ऐसे हैं जिनके पास बमुश्किल एक एकड़ ज़मीन है। ये वे लोग हैं जो मौसम की

‘महतारी वंदन’ — जिन स्त्रियों की आवाज़ कभी नहीं सुनी गई, अब वे बोल रही हैं

‘महतारी वंदन’ — जिन स्त्रियों की आवाज़ कभी नहीं सुनी गई, अब वे बोल रही हैं

छत्तीसगढ़ की गलियों, गांवों और बस्तियों में, एक नई आवाज़ गूंज रही है। यह आवाज़ उन स्त्रियों की है, जो अब तक व्यवस्था की हाशिए

गाँव की गाथा: जहाँ आत्मनिर्भरता कोई योजना नहीं, जीवन दर्शन बन गई

गाँव की गाथा: जहाँ आत्मनिर्भरता कोई योजना नहीं, जीवन दर्शन बन गई

भारत के नीति-निर्माण गलियारों में ‘आत्मनिर्भरता’ शब्द आजकल बहुत चर्चित है, लेकिन उसकी असल परिभाषा अक्सर शहरों की रिपोर्टों में खो जाती है। फिर भी,

करौली की कहानी: बिहान योजना से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्रांति

करौली की कहानी: बिहान योजना से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्रांति

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का करौली गांव आज एक नई पहचान गढ़ रहा है—एक ऐसा गांव जो कभी पारंपरिक सामाजिक ढांचों में जकड़ा था, अब

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं: बिहन के सहारे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं: बिहन के सहारे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में एक नया सामाजिक बदलाव देखने को मिल रहा है। वे महिलाएं जो कभी केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, आज

संविधान नहीं, भीड़ का फैसला? छत्तीसगढ़ में न्याय की दिशा पर सवाल

संविधान नहीं, भीड़ का फैसला? छत्तीसगढ़ में न्याय की दिशा पर सवाल

छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई एक घटना ने न्याय व्यवस्था और शासन की निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। दुर्ग रेलवे