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Friday, April 19, 2024, 6:35 pm

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ब्रेकिंग न्यूज़- शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति में अवैध सदस्यों के बीच मचा हड़कंप जिला शिवपुर मध्य प्रदेश II

शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति
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शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति जिला शिवपुर मध्य प्रदेश संस्था के अंदर बने फर्जी तरीके से कई सदस्य जिनकी सदस्यता अवैध पाई गई है I विमल तिवारी पुत्र स्वर्गीय कन्हैया लाल तिवारी की सदस्य अवैध पाए जाने पर जिला सहायक आयुक्त सहकारिता विभाग शिवपुर द्वारा सदस्यता समाप्त कर दी गई है, जिसकी जानकारी पंजीयक मुद्रक पंजीयन कार्यालय जिला शिवपुर पत्र के माध्यम से सूचना भेज दी गई थी I इसी आधार पर और भी सदस्यता अवैध है तत्कालीन सचिव विमल तिवारी द्वारा पत्राचार के माध्यम से शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित शिवपुर के प्रशासक रवि कुमार पचोरिया को बताया गया है- “मेरे अलावा 16 सदस्य और हैं जिनकी सदस्यता वर्ष 2003 में हुई थी, हम सब एक ही मंच पर खड़े हुए हैं” Iशासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति

बस इसी के बाद अवैध सदस्यों के बीच हड़कंप मच गया कि हमारी रजिस्ट्री आज नहीं तो कल शून्य होना तह बस इसी की वजह से अवैध सदस्यों ने अपने प्लाटों को बेचना और खरीददारों को रजिस्ट्री करवाना प्रारंभ कर दिया जबकि पंजीयक, पंजीयक मुद्रा कार्यालय जिला शिवपुर को जानकारी होने के बाद भी धड़ले से रजिस्ट्रीय कराई जा रही है I

जिला सहकारिता विभाग सहायक आयुक्त तथा शासकीय सिंचाई गृह निर्माण समिति के प्रशासक रवि पचोरिया इन लोगों के द्वारा पंजीयक मुद्रा कार्यालय जिला शिवपुर पूर्व में अवैध सदस्यों की सदस्यता खत्म की जानकारी का पत्र निर्देश अनुसार दिए जा चुके थे परंतु पनपते भ्रष्टाचार को रोक पाना मुश्किल है I वर्तमान में अवैध सदस्य धरले से प्लेटो को बेचकर खरीदारों को रजिस्टर कर रहे हैं I उन्हें डर है की -हमारी रजिस्ट्रीय शून्य हो गई तो हम प्लांट नहीं भेज पाएंगे I

शासकीय सिंचाई ग्रह निर्माण सहकारिता समिति में की गई अनियमिताएं तत्कालीन अध्यक्ष कैलाश नारायण पाराशर तत्कालीन सचिव विमल तिवारी द्वारा की गई I उन्होंने फर्जी तरीके से सदस्यता कराई लोगों की तथा अपना कार्यकाल वर्ष 2017 में खत्म होने के बाद फर्जी तरीके से रजिस्ट्रीय करवाई गई जिसमें संतोष तिवारी, स्वप्निल पाराशर, परमाल सिंह राठौड़ अन्य फर्जी रजिस्ट्री हुई तथा मुंह मांगे नाम पर प्लेटो का आवंटन किया गया I फर्जी सदस्यता कराई गई एक ही प्लांट की रजिस्ट्री दो बार कर दी गई, प्रथम बार नियम अनुसार शासकीय सिंचाई विभाग के कर्मचारी की सदस्यता के अनुसार गोपाल दास राजे की रजिस्ट्री वर्ष 2012 में करवाई गई थी परंतु तत्कालीन अध्यक्ष कैलाश नारायण पाराशर द्वारा पैसे का लेनदेन कर मुंह मांगे दामों पर अपने कार्यकाल खत्म होने के बाद वर्ष 2018 में अवैध तरीके से सदस्यता कर के लड्डू लाल सुमन की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से कर दी गई जबकि प्लाट केवलB-6 केंद्र बिंदु रहा इस पूरे भ्रष्टाचार और अनियमिता, घोटाला फर्जीवाड़ा इन सबका जबकि पूर्व में जिला कलेक्टर शिवपुर के पूरा मामला शासकीय सिंचाई विभाग के कर्मचारी जो शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों द्वारा पत्रों व दस्तावेजों के माध्यम से पूरा मामला संज्ञान में ला दिया गया था परंतु उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई वर्तमान में जल संसाधन विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पूरे मामले की जांच चल रही है तथा मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग द्वारा भी कार्रवाई की जा रही है और सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति के भीतर तत्कालीन अध्यक्ष तत्कालीन सचिव द्वारा जो अन्य मित्रताएं की गई थी जैसे पहले रजिस्ट्री कराई गई उसके बाद फिर सदस्यता दिलाई गई सदस्यता किसी के नाम रजिस्ट्री किसी के नाम यह सब गैर कानूनी कार्य हुए हैं Iशासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति

तत्कालीन अध्यक्ष सचिव ने मुंह मांगे दामों पर प्लाटों का आवंटन भी किया तथा अपने मिलने वाले बेनामी तरीके से प्लाटों का आवंटन कराया अपने परिवार रिश्तेदारों के नाम भी प्लाट आवंटन कराए गए I इन लोगों ने प्लाटों के आवंटन हेरा फेरी करके करोड़ों रुपए छापे जिसकी जांच स्वतंत्र एजेंसियां द्वारा चल रही है और पूरे मामले प्रकरण की जानकारी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यालय को पत्र लिखकर दस्तावेज अभी देखो द्वारा भेज दी गई थी तथा भारत सरकार विजिलेंस स्वतंत्रता विभाग को भी पूरा मामला भेजा गया था I

वर्तमान में ईओडब्ल्यू मैं भी जांच चल रही है कैलाश नारायण पाराशर और विमल तिवारी के संबंध में जिन सदस्यों की सदस्यता समाप्त हुई थी मुरैना उपायुक्त द्वारा उन सदस्यों ने ग्वालियर उच्च न्यायालय खंडपीठ में याचिका दायर कर रखी है जब न्यायालय में प्रकरण बेचारा दिन है तो ऐसी स्थिति में ना तो प्लांट किसी को बेच नहीं जा सकते ना रजिस्ट्री हो सकती है जब न्यायालय में प्रकरण बेचारा दिन हो परंतु ऐसा वर्तमान में चल रहा है यही कारण है पनपता हुआ भ्रष्टाचार  I

सिंचाई विभाग के कर्मचारी अधिकारी जो शासकीय सिंचाई गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्य हैं उनका कहना है इस पूरे मामले को न्यायालय मैं लेकर जाएंगे अब केवल न्याय का प्रयास न्यायालय के भरोसे ही है I

 

 

 


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