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Sunday, July 26, 2026, 5:47 pm

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सेलाकुई के धार्मिक आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

सेलाकुई के धार्मिक आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
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सनातन संस्कृति और उत्तराखंड की विरासत पर दिया विशेष संदेश

देहरादून:  जिले के सेलाकुई क्षेत्र में आयोजित मां भगवती जागरण कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने राज्य की सुख-शांति, समृद्धि और जनता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भूमि आध्यात्मिक चेतना, सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की धरोहर भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राम मंदिर से लेकर केदारनाथ तक बदली धार्मिक भारत की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का विस्तार, उज्जैन में महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्यों ने भारत की आध्यात्मिक पहचान को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे कई धार्मिक स्थलों को अब आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल रही है।

चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष शुरू हुई चारधाम यात्रा में शुरुआती दिनों से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा केदार सहित चारों धामों में दर्शन के लिए देशभर से लोग उत्तराखंड आ रहे हैं, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ क्षेत्र को दोबारा विकसित करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज वहां का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और दुनिया भर के श्रद्धालु इसे देखने पहुंच रहे हैं।

शीतकालीन यात्रा और सीमांत क्षेत्रों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब केवल पारंपरिक यात्रा सीजन तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पूरे साल पर्यटन गतिविधियां चलती रहें और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो।

उन्होंने आदि कैलाश क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पर्यटन बढ़ने से सीमांत इलाकों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

बेहतर सड़क और रोपवे परियोजनाओं से मिलेगा लाभ

धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड की तस्वीर बदलने वाली हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से यात्रियों का समय बचेगा और पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी।

उन्होंने हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी।

संस्कृति और विकास दोनों पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं को भी समान महत्व दे रही है। आने वाली पीढ़ियों तक उत्तराखंड की पहचान और देवभूमि की परंपराएं सुरक्षित पहुंचें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


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