भारत की 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की महत्वाकांक्षा को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) से एक सख्त संदेश मिला है—खेल में भेदभाव की कोई जगह नहीं।
IOC ने स्पष्ट किया है कि अगर भारत अपने यहाँ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीज़ा देने से इनकार करता है, तो यह ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन होगा और इससे भारत की मेज़बानी की दावेदारी को गंभीर नुकसान होगा।
⚠️ राजनीति और खेल के बीच टकराव
भारत ने 26/11 मुंबई हमले, पुलवामा आतंकी हमला (2019) और हाल ही में पहलगाम हमले (2025) जैसे भयावह घटनाओं के बाद पाकिस्तान को वीज़ा न देने की अनौपचारिक नीति अपना ली थी। इसके तहत न केवल पाकिस्तान बल्कि कोसोवो जैसे कुछ और देशों को भी भारत में प्रतिस्पर्धा से रोका गया।
परंतु अब, जब भारत को ओलंपिक मेज़बानी की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना है, तो उसे खेल को राजनीति से अलग रखना होगा।
🏑 पाकिस्तान को मिली हरी झंडी
सरकार ने आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत में खेलेंगे:
- एशिया कप हॉकी (राजबीर, बिहार)
- एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप (चेन्नई व मदुरै)
हालांकि, यह सिर्फ बहुपक्षीय आयोजनों के लिए है। भारत-पाक द्विपक्षीय खेल रिश्ते अब भी जमी हैं, खासकर क्रिकेट में। दोनों देशों के बीच मुकाबले तटस्थ स्थानों पर ही होंगे।
🧪 IOC की अन्य सख्त चेतावनियाँ
IOC ने भारत के सामने और भी गंभीर मुद्दे रखे:
- डोपिंग के मामलों में भारत सबसे ऊपर है—यह अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत की साख को कमजोर करता है।
- IOC चाहता है कि डोपिंग को अपराध घोषित किया जाए और खासकर कोचों पर सख्त कार्रवाई हो।
- भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) में चल रही आंतरिक कलह और सत्ता संघर्ष पर भी IOC ने चिंता जताई है।
🧭 2036 की राह: सिर्फ सपना नहीं, ज़िम्मेदारी भी
भारत यदि वाकई 2036 ओलंपिक की मेज़बानी चाहता है, तो उसे:
- खेल और कूटनीति को अलग रखना होगा
- डोपिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाना होगा
- IOA की अंदरूनी गड़बड़ियों को तुरंत सुधारना होगा
जापान, दक्षिण कोरिया, और चीन की तरह ओलंपिक मेज़बान बनने के लिए भारत को भी वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा।
🧾 अंतिम बात: खेल से नहीं, खेलभावना से बनती है पहचान
भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ वाजिब सुरक्षा चिंताएँ हैं, लेकिन ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजनों में व्यक्तिगत या राष्ट्रीय द्वेष की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
खेल हमेशा से पुल बनाने का काम करते आए हैं, दीवारें नहीं।
भारत को अब यह दिखाना होगा कि वह न केवल एक शक्तिशाली राष्ट्र है, बल्कि एक नैतिक और जिम्मेदार मेज़बान भी है।
Author: This news is edited by: Abhishek Verma, (Editor, CANON TIMES)
Authentic news.





