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Thursday, March 5, 2026, 3:55 am

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‘शौर्य’ अभियान का प्रस्थान संकेत, साहसिक पर्यटन

पुष्कर सिंह धामी
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मुख्यमंत्री ने किया ‘शौर्य’ अभियान का प्रस्थान संकेत, साहसिक पर्यटन को बताया उत्तराखंड का भविष्य

अभियान ‘शौर्य’ : जोखिमों के बीच साहस की नई परिभाषा

NDRF का यह 44 सदस्यीय दल अब एक कठिन यात्रा पर निकला है, जो देहरादून से शुरू होकर उत्तरकाशी, गंगोत्री, चिरबासा, भोजवासा, तपोवन होते हुए हिमालय की दुर्गम केदार डोमश चोटी (6,832 मीटर) तक पहुंचेगा। यह चोटी न केवल ऊँचाई में चुनौतीपूर्ण है, बल्कि रास्ते में बर्फीले ग्लेशियर और संकरे पर्वतीय मार्ग भी हैं जो अभियान को अत्यंत रोमांचक बनाते हैं।

राज्य सरकार की प्राथमिकता: आपदा प्रबंधन और एडवेंचर टूरिज्म का समन्वय

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड सरकार एक साथ दो मोर्चों पर कार्य कर रही है — आपदा प्रबंधन को तकनीकी और संरचनात्मक रूप से सशक्त बनाना, और साथ ही साहसिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना

CG

उन्होंने कहा,

“हमारे बहादुर जवान आपदा की हर घड़ी में सबसे पहले पहुँचते हैं, लेकिन वे केवल रक्षक ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। उनकी यह यात्रा पूरे प्रदेश के युवाओं में नया जोश और आत्मबल भरेगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में एसडीआरएफ और पुणे की इंडियन रेस्क्यू अकादमी के बीच प्रशिक्षण हेतु समझौता किया है, और उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेसीलियेंट प्रोजेक्ट के तहत ₹1480 करोड़ की योजना केंद्र सरकार की सहायता से शुरू की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म की पहचान बने उत्तराखंड: सीएम धामी

राज्य में राफ्टिंग, ट्रेकिंग, साइक्लिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर वर्ष टिहरी जल क्रीड़ा महोत्सव और नयार महोत्सव जैसे आयोजनों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा में साहसिक गतिविधियों के प्रतिभागियों को फ्लैग ऑफ कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री द्वारा अक्टूबर 2022 में माणा गांव से “देश के पहले गाँव” की संज्ञा देने के बाद सीमांत गांवों में साहसिक पर्यटन की संभावनाएं और सशक्त हुई हैं।

NDRF के D.G. पीयूष आनंद का वक्तव्य

डीजी श्री पीयूष आनंद ने जानकारी दी कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ पर्वतारोहण नहीं, बल्कि यह भी है कि हमारे जवान कठिन भू-भाग में रेस्क्यू मिशन के लिए और बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ राज्य के किसी भी कोने में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सतर्क और प्रतिबद्ध है।


उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:

इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय रोहेला, सचिव श्री विनोद सुमन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 


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