मातृभाषा का मान, राष्ट्र का सम्मान
हिंदी की अनवरत धारा जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “जैसे चार धाम माँ के चरणों में बसते हैं, वैसे ही जीवन का शाश्वत आश्रय मातृभाषा की गोद में मिलता है”, तो यह मात्र अलंकार नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई से निकला सत्य था। माँ और मातृभाषा दोनों ही पहचान और … Read more