नजरअंदाजी की असली कीमत: भारत के लिए श्रमिक सुरक्षा क्यों है सबसे जरूरी आर्थिक और नैतिक प्राथमिकता
हाल के औद्योगिक हादसों की श्रृंखला भारत में श्रमिक सुरक्षा की भयावह स्थिति को उजागर करती है। यह कोई इक्का-दुक्का “दुर्घटनाएं” नहीं, बल्कि एक गहरी प्रणालीगत विफलता है। रिएक्टर विस्फोट से लेकर केमिकल फैक्ट्रियों में लगी आग तक, इन घटनाओं की मानवीय लागत इतनी गंभीर है कि अब इसे नजरअंदाज करना देश के विकास और … Read more