धर्मनिरपेक्षता की दहलीज पर बांग्लादेश: एक राष्ट्र की खोती आत्मा का संक्षेप
बांग्लादेश एक बार उस आदर्श का चेहरा था, जिसने धार्मिक विविधता और लोकतांत्रिक विश्वास को मिलाकर अपनी पहचान बनाई थी। 1971 के संघर्ष ने देश को सेक्युलरता का एक मॉडल मान्यता दिलाई। लेकिन अब उस पहचान पर संकट है—महज़ राजनीतिक संक्रमण नहीं, बल्कि विचारों की संरचना ही बदल रही है। धार्मिक कट्टरता का विस्तार न … Read more