जब विचारधारा हथियार बन जाए, तो मानवता हार जाती है
“यह युद्ध किसी भूभाग के लिए नहीं, दो विचारधाराओं के वर्चस्व की लड़ाई है—और इसी में छुपा है तीसरे विश्वयुद्ध का बीज।” ईरान और इस्राइल के बीच छिड़ा ताज़ा युद्ध सिर्फ़ दो राष्ट्रों की टकराहट नहीं है। यह टकराव उस समय का प्रतीक है, जब राष्ट्र अपने अस्तित्व को विचारधारा के आवरण में लपेटकर पूरी … Read more