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Saturday, March 14, 2026, 4:43 am

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खजुराहो के पुरातत्व श्रमिकों की भलाई में अड़ंगा बने अधिकारी

CANON TIMES
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श्रमिकों ने लगाए लापरवाही के आरोप, की गई शिकायत

खजुराहो। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग जबलपुर मण्डल कार्यालय के अंतर्गत चार उपमंडल कार्यालय हैं जिसमें जबलपुर, रीवा, सागर तथा खजुराहो शामिल हैं। उक्त उपमंडलों में 133 दैनिक श्रमिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसमें खजुराहो उपमंडल के कर्मचारी भी शामिल हैं, जो लगभग 8 से लेकर 20 वर्षों से लगातार दैनिक श्रमिक के रूप में विभिन्न स्मारकों पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। इन कर्मचारियों को सरकार की एक योजना के तहत लाभान्वित किया जाना है लेकिन कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके वरिष्ठ अधिकारी उनकी अपेक्षित जानकारी को शासन तक नहीं भेज रहे हैं।

ये है मामला

CG

जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार की नई नीति के तहत सभी दैनिक वेतन भोगियों को जिनका सेवाकाल लगातार जारी है उनको वन-थर्ड का स्टेटस दिया जाना निर्धारित किया गया है जिसके तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुख्यालय नई दिल्ली कार्यालय से जारी आदेश क्र.170/2023 में देश भर में विभाग में कार्यरत सभी दैनिक श्रमिक कर्मचारियों की निर्धारित अवधि में पंजीबद्ध सूची मूल दस्तावेज के साथ सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन तथा मण्डल मुख्यालय में समिति द्वारा सत्यापन के लिए मूल दस्तावेज प्रेषित करने अथवा साथ लाने कहा गया है, जिसमें जबलपुर मण्डल से दस्तावेज भेजने की निर्धारित तारीख 23-06-2023 का उल्लेख है जिससे विभाग में कार्यरत सभी दैनिक श्रमिक कर्मचारियों को मंहगाई के इस दौर में परिवार सहित जीवन यापन करने नई नीति का आर्थिक लाभ मिल सके, परन्तु जबलपुर मंडल के अधीक्षण पुरातत्व विद डॉ.शिवाकांत वाजपेयी की लापरवाह कार्यशैली कहा जाय या फिर इन श्रमिकों से व्यक्तिगत ईष्र्या भाव होना बताया जाये। क्योंकि श्री वाजपेयी द्वारा जानबूझकर या लापरवाह रवैया अपनाकर अपने विभागीय मण्डल के अंतर्गत दैनिक श्रमिकों की सूची ए.एस.आई. मुख्यालय नई दिल्ली के कार्यालय भेजने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे छोटे कर्मचारियों से इस कार्य हेतु घूस लेने की मंशा रखते हैं, नहीं तो विभाग के मुख्यालय नई दिल्ली से जारी आदेश के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार मौखिक रिमाइंडर की अवहेलना न करते बल्कि श्रमिकों की सूची तय समय में मुख्यालय भेज देते।

जानकारी के अनुसार इसके पूर्व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग खजुराहो में श्रमिकों से उनके दस्तावेज नहीं लिए जा रहे थे, तो विभागीय मुख्यालय नई दिल्ली से सख्ती भरा फोन आने के बाद श्रमिकों से दस्तावेज लेकर जबलपुर मण्डल भेजे गए, लेकिन अब उक्त दस्तावेज गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाकर जबलपुर कार्यालय से मुख्यालय नई दिल्ली नहीं भेजे गए, जिससे प्रतीत हो रहा कि डॉ.वाजपेयी केन्द्र सरकार की विभाग के लिए बनाई जा रही नीतियों के विरुद्ध विपक्ष जैसा आचरण कर रहे हैं।

अधिकारी ने पल्ला झाड़ा

इस संबंध में डॉ.शिवाकांत वाजपेयी ने मोबाइल पर बताया कि ये जानकारियां तो भोपाल स्तर पर पहले से भेजी जा रही हैं,जबलपुर मण्डल तो अभी बना है,जो भी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय द्वारा मांगी जाती है वह भेज दी जाती है,मुझे नहीं पता कि वन-थर्ड स्टेटस मिलना है या पक्का करने की प्रक्रिया होनी है लेकिन मेरे कार्यालय से जो भी जानकारी मांगी गई है वो समय पर भेज दी गई है।


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