आधुनिक तकनीक और परंपरागत खेती को साथ लेकर चलने की दिशा में राज्य सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ परंपरागत खेती को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्यान क्षेत्र में नवाचार, वैल्यूचैन सिस्टम, और क्लस्टर आधारित खेती पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और आजीविका के नए स्रोत विकसित हों।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में किसान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें उसी दिशा में प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही मिलेट, एरोमा फसलें, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, और उत्तराखंड के पारंपरिक फल जैसे माल्टा, नारंगी, आड़ू, नाशपाती व प्लम के उत्पादन को भी बढ़ाने पर बल दिया गया।
🌾 प्रमुख निर्देश और योजनाएं:
- पॉलीहाउस निर्माण में तेजी लाने के निर्देश।
- जानवरों से सुरक्षित फसलों को बढ़ावा देने की बात।
- औषधीय पौधों की खेती हेतु किसान जागरूकता पर जोर।
- ई-रूपी व्यवस्था अप्रैल से लागू – किसानों को मिलेगा त्वरित, पारदर्शी भुगतान।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन से खेती में आएगा पारदर्शिता और दक्षता।
🤝 सहकारिता के क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य:
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 5 वर्षों में प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं को पैक्स (PACS) से जोड़ा जाए। सहकारी समितियों में व्यावसायिक गतिविधियों और विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए।
🌿 सगंध फसलों और विपणन पर विशेष ध्यान:
राज्य में डेमस्क रोज, लेमनग्रास, दालचीनी, तिमरू और मिंट जैसी सगंध फसलों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। आईटीबीपी और सेना के साथ मिलकर ताजा उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की गई है जिससे किसानों को स्थिर बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, उत्तराखंड
Author: This news is edited by: Abhishek Verma, (Editor, CANON TIMES)
Authentic news.

