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Sunday, August 16, 2026, 3:53 am

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सुशासन तिहार बना बदलाव की मिसाल

सुशासन तिहार
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वर्षों पुरानी बाधा हटी, पवन सिंह की उम्मीदों को मिली नई उड़ान — सुशासन तिहार बना बदलाव की मिसाल

रायपुर, 27 मई 2025
ग्राम पंचायत कुदरी के पवन सिंह मरावी के चेहरे पर आज सुकून और मुस्कान साफ झलक रही है। वर्षों से सरकारी योजनाओं से वंचित रहने के बाद आखिरकार उन्हें वो अधिकार मिला, जिसके वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। सुशासन तिहार के दौरान उनके अभिलेख की त्रुटि सुधर गई है — और अब वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित तमाम शासकीय योजनाओं के पात्र बन गए हैं।

पवन सिंह मरावी की कहानी एक आम किसान की उस संघर्षगाथा को बयां करती है, जो प्रशासनिक त्रुटियों और फाइलों के फेर में उलझी रहती है। बी-1 रिकॉर्ड में नाम की त्रुटि के कारण वे सालों तक योजनाओं से वंचित रहे, कई बार आवेदन करने के बावजूद भी लाभ नहीं मिल पाया। लेकिन सुशासन तिहार के तहत राजस्व विभाग द्वारा की गई त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने उनकी उम्मीदों को नई दिशा दी।

CG

पवन सिंह बताते हैं, “मैंने कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार एक छोटी सी गलती मुझे बड़ा नुकसान दे जाती थी। सुशासन तिहार में आवेदन करने के बाद पहली बार मुझे लगा कि शासन सचमुच सुन रहा है। अब मुझे किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।”

राजस्व विभाग ने पवन के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए बी-1 और किसान किताब में दर्ज त्रुटियों को तत्काल सुधारा। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल पवन सिंह को राहत मिली, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी भरोसा जगा कि शासन-प्रशासन अब पहले से ज्यादा सक्रिय और संवेदनशील है।

पवन सिंह की यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी नागरिकों की प्रेरणा है जो अपनी समस्याओं से जूझ रहे हैं और समाधान की उम्मीद में हैं। सुशासन तिहार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और जनता जागरूक, तो हर बाधा का समाधान संभव है।


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