Explore

Search

Wednesday, March 4, 2026, 1:11 am

Wednesday, March 4, 2026, 1:11 am

उत्तराखण्ड में कृषि और तकनीक का संगम

मुख्यमंत्री धामी
Share This Post

उत्तराखण्ड में कृषि और तकनीक का संगम: मुख्यमंत्री धामी ने ई-रूपी प्रणाली और चार नई कृषि नीतियों का किया लोकार्पण

देहरादून, सचिवालय: उत्तराखण्ड की कृषि में नवाचार और डिजिटल प्रगति की नई इबारत लिखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राज्य की पहली ई-रूपी भुगतान प्रणाली का शुभारंभ किया। इस क्रांतिकारी पहल के साथ ही उन्होंने चार नवीन कृषि नीतियोंकीवी उत्पादन नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति, सेब उपरांत प्रबंधन योजना और मिलेट मिशन — को लॉन्च कर राज्य के कृषकों को नई उम्मीद दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “ई-रूपी प्रणाली किसानों को सब्सिडी सीधे उनके मोबाइल पर ई-वाउचर के माध्यम से उपलब्ध कराएगी, जिससे खाद, बीज और अन्य कृषि इनपुट बिचौलियों के बिना खरीदे जा सकेंगे। यह डिजिटल माध्यम पारदर्शिता, त्वरिता और सुविधा का उत्कृष्ट उदाहरण होगा।”

CG

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्यभर के किसानों को इस तकनीक के प्रति प्रशिक्षण और जागरूकता दी जाए, ताकि हर अन्नदाता इसका पूर्ण लाभ उठा सके।


🌿 चार नीतियाँ जो कृषि को देंगी नयी पहचान:

1. कीवी नीति:

  • कुल अनुमानित निवेश: ₹894 करोड़
  • 6 वर्षों में 3,500 हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन
  • लक्ष्य: वार्षिक 14,000 मीट्रिक टन
  • 9,000 से अधिक कृषक होंगे लाभान्वित

2. ड्रैगन फ्रूट नीति:

  • लागत: ₹15 करोड़
  • उत्पादन क्षेत्र: 228 एकड़
  • 350 मीट्रिक टन उपज का लक्ष्य

3. सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना:

  • लागत: ₹144.55 करोड़
  • 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में अति सघन बागवानी
  • 22 आधुनिक सी.ए. स्टोरेज और ग्रेडिंग इकाइयाँ
  • व्यक्तिगत किसानों को 50%, समूहों को 70% अनुदान

4. मिलेट मिशन (श्री अन्न नीति):

  • लागत: ₹135 करोड़
  • 70,000 हेक्टेयर क्षेत्र को दो चरणों में कवर
  • पंक्ति बुआई पर ₹4000 व अन्य विधियों पर ₹2000 प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन
  • प्रति क्विंटल उपज पर ₹300 प्रोत्साहन
  • निवेश पर 80% तक अनुदान सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह समग्र प्रयास कृषि को आधुनिक, लाभकारी और रोजगारपरक बनाएगा, जिससे पलायन की समस्या में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही फ्लावर पॉलिसी और हनी नीति भी लेकर आ रही है, जिससे राज्य के किसानों को विविध उत्पादों में विशेषज्ञता मिलेगी।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, और राज्य के कोने-कोने से आए किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। किसानों ने नई नीतियों को “कृषि में क्रांति” की संज्ञा देते हुए सरकार के इस दूरदर्शी कदम की सराहना की।


 


Share This Post

Leave a Comment