आधार कार्ड: क्या पहचान की नींव हिल रही है?
जब 2009 में आधार कार्ड की शुरुआत हुई, तो इसे भारत की पहचान क्रांति कहा गया। एक ऐसी व्यवस्था का वादा किया गया था जो हर नागरिक को—खासकर गरीब और हाशिए पर खड़े लोगों को—सरकारी पहचान की छतरी के नीचे लाएगी। पर आज, लगभग डेढ़ दशक बाद, आधार की वही पहचान धुंधली होती दिख रही … Read more