उपराष्ट्रपति चुनाव: जब जीत आसान हो और चुनौती कठिन
भारतीय लोकतंत्र की सबसे दिलचस्प विडंबना यही है कि यहाँ चुनावों के नतीजे पहले से साफ़ हो सकते हैं, लेकिन असली परीक्षा सत्ता के गलियारों से बाहर शुरू होती है। उपराष्ट्रपति का चुनाव इसका ताज़ा उदाहरण है। संसद का गणित कहता है कि सी.पी. राधाकृष्णन निर्विवाद रूप से जीतेंगे। सवाल यह नहीं है कि कौन … Read more