Explore

Search

Wednesday, January 21, 2026, 7:19 am

Wednesday, January 21, 2026, 7:19 am

उत्तराखंड में जल्द लागू होगा ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान

उत्तराखंड में जल्द लागू होगा 'स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान
Share This Post

उत्तराखंड में जल्द लागू होगा ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’, खेलों को मिलेगा नया आयाम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय पॉवरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के लिए एक महत्वाकांक्षी ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ की घोषणा की। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख नगरों में 23 अत्याधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी, जो हर वर्ष 920 पेशेवर एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने का काम करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में एक विशेष महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास प्रदेश को “देवभूमि” के साथ “खेलभूमि” के रूप में स्थापित करेगा।

CG

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एक नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘उदीयमान खिलाड़ी योजना’ और ‘खेल किट योजना’ जैसी योजनाएं युवाओं को प्रोत्साहित कर रही हैं।

उन्होंने गर्व के साथ कहा कि राज्य सरकार द्वारा 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम और 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का भी एक पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

पावर लिफ्टिंग में ऐतिहासिक आयोजन

होटल हयात सेंट्रिक देहरादून में आयोजित “एशियन सब-जूनियर, जूनियर मैन एवं वुमन कप” और “एशियन यूनिवर्सिटी कप पॉवरलिफ्टिंग प्रतियोगिता 2025” में 16 एशियाई देशों के 300 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को राज्य की खेल क्षमताओं का परिचायक बताया और कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय हैं।

खेल संस्कृति को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम, साहस और टीम भावना का प्रतीक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से राज्य सरकार खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड में ‘उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ के माध्यम से खिलाड़ियों के समर्पण और उत्कृष्टता को पहचान दे रहे हैं।

खेल भावना: जीवन का मूल मंत्र

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीत-हार से कहीं अधिक जरूरी है खेल भावना, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी बन सकती है। इस अवसर पर खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक श्री खजान दास सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उपस्थित रहे।


Share This Post

Leave a Comment