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Tuesday, March 3, 2026, 12:19 pm

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पेट सफा तो हर रोग दफा

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पेट सफा तो हर रोग दफा

यह विज्ञापन कई बार टीवी पर हम देखते हैं और अखबार में भी पढ़ते हैं, अर्थात पेट या यूं कहे यदि पाचन तंत्र सही है तो आप स्वस्थ है यदि पाचन तंत्र गड़बड़ है तो कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती है l जैसे चिड़चिड़ापन, भूख नहीं लगना, सिर दर्द, पेट में भारीपन, बैचेनी आदि पाचन तंत्र की गड़बड़ याने या तो दस्त या कब्ज दोनों ही स्थिति असहनीय है l

आज हम बात करते हैं कब्ज की: – क्यों होता है ? क्या कारण है ? और इसमें भोजन की क्या भूमिका है l

CG

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को मल त्यागने में कठिनाई होती है, क्योंकि कुछ कारणों से मल कड़क होकर आंतो मैं चिपक जाता है l फल स्वरुप पेट फूल जाता है, कड़क हो जाता है l असहनीय दर्द होता है कई बार बेचैनी और सिर दर्द भी इस कारण होने लगता है l समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाए तो पेट संबंधी कई समस्याएं हो जाती है l

पहले यह जानना होगा कि कब्ज किस कारण से है l क्योंकि हमें उसी का निवारण करना है l डॉक्टर्स और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार मुख्य कारण हो सकते हैं l

(1)अनियमित जीवनशैली अर्थात ना तो समय पर उठना न समय पर खाना और ना ही समय पर सोना फल स्वरूप काम भी समय पर नहीं होता है और बेचैनी रहती है l जिसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है l

(2) भोजन में फाइबर युक्त भोज्य पदार्थों की कमी l

(3) तरल पदार्थों का कम सेवन

(4)फास्ट फूड और बाहर का भोजन

(5) देर रात तक जागना

(6) कड़क चाय या कॉफी का सेवन तंबाकू सिगरेट का सेवन

(7) अत्यधिक मसाले युक्त भोजन करना

(8) अधिक देर तक बैठकर काम करना

(9) व्यायाम की कमी

समय पर काम नहीं होने के कारण व्यक्ति तनाव में रहता है जिसका प्रभाव स्वास्थ्य पर होता है पाचन तंत्र पर भी जो आज देखते हैं किस तरह बदलाव करें

जीवन शैली में बदलाव के लिए आत्म नियंत्रण और दृढ़ निश्चय आवश्यक है ईश्वर ने दिन और रात कुछ सोचकर ही बनाए होंगे आपने पशु पक्षियों को देखा होगा सुबह होते ही दाने की तलाश में निकल जाते हैं और सूर्यास्त के साथ ही अपने अपने घोसलो या घर में लौट आते हैं इसी तरह मनुष्यों के लिए भी स्कूल ऑफिस और दुकानो में काम 8:00 से 10:00 के बीच में ही शुरू होता है अर्थात सुबह 6:00 से 7:00 के बीच में तो उठना ही पड़ता है l

सुबह जल्दी उठने से शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और काम में मन लगता है अतः यदि आप देर से उठते हैं सो सुबह जल्दी उठ कर देखें

नाश्ता और भोजन समय पर करें रात को भी समय पर भोजन करें परिवार के साथ भोजन करने से सभी की बातचीत भी हो जाती है और घर का माहौल अच्छा बना रहता है l

फल स्वरुप मानसिक तनाव भी नहीं रहता है

सुबह और शाम कुछ देर घूमने अवश्य जाएं और हल्का व्यायाम भी करें कुछ दिन अपनी दिनचर्या में बदलाव करके देखें l

अपने दैनिक भोजन में पूरे अनाज दालें हरी सब्जियां बींस, सूखे मेवे, और मौसमी फलों को अवश्य शामिल करेंl

समय पर पानी पिए l

खाना खाते समय बीच-बीच में पानी नहीं पिए बल्कि खाना खाने के आधा पौने घंटे से पहले और खाना खाने के बाद भी इतनी ही देर से पानी पिए ,वह भी जल्दी जल्दी नहीं गिलास को झूठा करके धीरे-धीरे पानी पियेl

दिन की शुरुआत कुछ इस तरह करें

(1) सुबह 6:00 से 6:30 अर्थात उठते ही बिना कुल्ला किए एक या दो ग्लास गुनगुना पानी हो सके तो नींबू डालकर धीरे-धीरे पीये

(2) यदि चाय पीने की आदत है तो फ्रेश होने के बाद एक कप ग्रीन या ब्लैक टी या कम दूध की हल्की चाय ले सकते हैं l

(3) 8:00 से 9:00 तक नाश्ता :

अंकुरित मूंग व मोठ

दलिया या उपमा सब्जियां डालकर जिसमें गाजर, मटर, गोभी, शिमला, कॉर्न, अंकुरित मूंग भी डाल सकते हैंl

इसी तरह ओट्स भी

(मात्रा लगभग एक मध्यम आकार की प्लेट)

गर्म दूध एक कप

(4) 11या 11:30 बजे कोई भी मौसमी फल या फ्रूट चाट

(5) दोपहर का भोजन :

मौसमी सब्जियों युक्त सलाद (खीरा ककड़ी टमाटर प्याज मूली गाजर)

चोकर सहित आटे की दो रोटी

कोई भी दाल एक कटोरी

उपलब्ध हरी सब्जी एक कटोरी

छाछ

(6) शाम की चाय

ग्रीन या ब्लैक टी

भुने चने या मूंगफली एक मुट्ठी

(7) रात का खाना 7:00 से 8:00 तक

वेजिटेबल सूप

चावल दाल की खिचड़ी या दाल दलिया सब्जियां डालकर एक प्लेट

(8) 10:00 से 10:30 एक कप गर्म दूध हल्दिया दालचीनी डालकरl यदि रात को दूध पीने की इच्छा कभी नहीं हो तो गुनगुना पानी जरूर पीए l

इसके अतिरिक्त कुछ ध्यान में रखने योग्य बातें;

तले हुए भोजन पदार्थों से बचे

जहां तक संभव हो घर का खाना ही खाएं और समय पर खाएं

ताजा खाना खाए

यदि चाय पीने की आदत है तो हल्की चाय ले कड़क चाय या कॉफी नहीं लें मात्रा थोड़ी कम करें

मैदे से बनी चीजें काम में नहीं लें जैसे बिस्किट टोस्ट ब्रेड की जगह घर के बने शक्करपारे काम में लेl

चने और गेहूं से बनाया गया सत्तू बहुत ही पौष्टिक होता है नाश्ते में ले सकते हैं इसे बनाना बहुत ही आसान है चने की दाल और गेहूं को 3:00 और 1:00 के अनुपात में लेकर साफ करके लोहे की कढ़ाई में सुनहरा होने तक भून लें और पिसवा कर एयरटाइट डब्बे में स्टोर कर ले जब भी काम में लेना हो नमकीन या मीठा बना सकते हैं l

गुनगुने पानी के साथ इसे कहीं यात्रा में भी साथ ले जा सकते हैं नमकीन बनाने के लिए एक गिलास पानी में दो-तीन चम्मच सत्तू पाउडर स्वादानुसार नमक जीरा और नींबू डालें इसे जरा मीठे के लिए स्वाद अनुसार गुड़ या शक्कर डालें

फलों का रस काम में नहीं लें इसकी जगह फल ही खाएं क्योंकि इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है l

मैदे की जगह सुजी या आटा काम में ले

इस तरह दृढ़ निश्चय के साथ किए गए जीवन शैली और आहार में बदलाव से आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ महसूस करेंगे क्योंकि *स्वास्थ्य ऐसा धन है जिसे खरीदा नहीं जा सकता* बल्कि थोड़ी सी मेहनत से प्राप्त किया जा सकता है😊

*डायटिशियन*

*प्रतिभा भट्ट*


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