📰 ज़िन्दगी की तारीख़ पर ज़िन्दा रहिए – ‘AOD’ का सच
“तारीख़ें केवल कैलेंडर में नहीं होतीं, कुछ तारीख़ें हमारे सीने पर लिख जाती हैं। अहमदाबाद की वह तारीख़ भी अब इतिहास बन गई, पर क्या हमने उससे कुछ सीखा?” भारतीय समाज एक विचित्र द्वंद्व में जीता है। एक तरफ़ हम ‘आज का दिन भगवान का दिया वरदान है’ जैसी बातें करते हैं, और दूसरी ओर—हम … Read more